हिंदू धर्म शास्त्रो के अनुसार आज ही के दिन माँ गंगा इस धरती पर आई थी इसीलिये गंगा दशहरा का यह पर्व मनाया जाता है। गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी मे स्नान करना चाहिये। यदि आप किसी कारणावश ऐसा नही कर पा रहे है तो आपको घर पर ही स्नान करते हुये पानी मे गंगा जल मिलाकर स्नान करना चाहिये। गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा की पूजा अर्चना की जाती है।
आज के इस पर्व पर गरीब और जरूरतमंद लोगो को दान करने का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि गंगा दशहरा पर दान करने वाले वस्तुओं की संख्या 10 होनी चाहिये। गंगा दशहरा के दिन 10 फल, 10 पंखे, 10 सुराही, 10 छाते या 10 हिस्से अन्न का दान कर सकते है। इस पर्व पर कुछ लोग अपने घर मे पूजन हवन करवाते है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन हवन करने से आपके घर से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
इस दिन लोग गंगा नदी मे स्नान करके पुण्य प्राप्त करते है। जगह-जगह पर इस दिन भंडारे का आयोजन किया जाता है। दोस्तो गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा इस पृथ्वी लोक पर आई थी। गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा की पूजा अर्चना की जाती है और गंगा नदी मे डुबकी लगाते है। इस दिन लोग दान, पुण्य, उपवास, भजन तथा गंगा आरती करते है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन माँ गंगा की पूजा करने से भगवान विष्णु की अनंत कृपा प्राप्त होती है। हमारे हिंदू धर्म मे गंगा जी को माँ का दर्जा दिया जाता है। ये पाप नाशनी तथा मोक्षदायिनी है।