Home
(current)
धर्म संसद
नदियों का महत्व
सनातन धर्म कथा
तीज त्यौहार
भारत के मंदिर
हमारे बारे में
चंद्रदेव व दक्ष पुत्री रोहिणी की कथा जिस कारण चंद्रमा को मिला श्राप
कहते हैं ना कि अति किसी भी चीज़ की अच्छी नही होती बस वैसा ही कुछ चंद्रमा के साथ (Chandra Dev Ko Shrap) हुआ। कहने को तो चंद्रमा एक देवता हैं जो पृथ्वी को शीतलता प्रदान करते हैं लेकिन उनके द्वारा भी कुछ ऐसी गलती हुई जिसका भुगतान उनको आज…
भगवान परशुराम के बारे में 10 रोचक तथ्य
भगवान परशुराम भगवान विष्णु के दस अवतारों में से एक (Parshuram Unknown Facts In Hindi) है। उनका जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ था जो वामन अवतार के बाद तथा श्रीराम अवतार से पूर्व जन्मे थे। मान्यता हैं कि वे आज भी जीवित हैं तथा कलियुग के अंत तक वे जीवित…
भगवान परशुराम का कर्ण को श्राप जो उसकी मृत्यु का कारण बना
भगवान परशुराम विष्णु के एक ऐसे अवतार हैं जो चिरंजीवी (Karan Ki Mrityu Kaise Hui) हैं। इसी कारण वे विष्णु के अन्य अवतारों के समयकाल में भी थे और अभी भी जीवित हैं। इसी के साथ उन्होंने भगवान विष्णु के बाद के अवतारों में भी अपनी भूमिका निभाई थी। यह…
देवी दुर्गा का रूप होती है छोटी बच्चियां, जानें क्या है कन्या भोज का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि पर्व के आखिर में अष्टमी व नवमी तिथि को कन्या पूजन किया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस साल शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन 22 और 23 नवंबर को कर सकते हैं। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के…
भगवान राम के गुरु ऋषि वशिष्ठ और राजा कौशिक की कहानी
ऋषि वशिष्ठ महान सप्तऋषियों में से एक हैं. महर्षि वशिष्ठ सातवें और अंतिम ऋषि थे. वे श्री राम के गुरु भी थे और सुर्यवंश के राजपुरोहित भी थे. उन्हें ब्रह्माजी का मानस पुत्र भी कहा जाता है. उनके पास कामधेनु गाय और नंदिनी नाम की बेटी थी. ये दोनों ही मायावी थी.…
महान कृष्ण भक्त नरसी मेहता की कथा
नरसी मेहता महान कृष्ण भक्त थे. कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने उनको 52 बार साक्षात दर्शन दिए थे. नरसी मेहता का जन्म जूनागढ़, गुजरात मे हुआ था. इनका सम्पूर्ण जीवन भजन कीर्तन और कृष्ण की भक्ति में बीता. इन्होंने भगवान कृष्ण की भक्ति में अपना सब कुछ…
परीक्षित के जन्म की कथा
जब द्रौपदी को खबर मिली कि उसके पांच पुत्रों को अश्वत्थामा ने मार डाला है, तो वह अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गई और कहा कि वह उपवास तभी तोड़ेगी जब उसे अश्वत्थामा के माथे पर लगी मणि मिलेगी।अर्जुन अश्वत्थामा को पकड़ने के लिए निकले। अश्वत्थामा और अर्जुन के बीच भयंकर…
त्रिदेव में सर्वश्रेष्ठ कौन? महर्षि भृगु ने कैसे ली त्रिदेवों की परीक्षा
एक बार महर्षि भृगु और अन्य मुनियों ने सरस्वती नदी के तट पर मिलकर यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में नारद जी भी आए हुए थे। नारद जी ने सभी ऋषियों से पूछा कि आप लोग इस यज्ञ का फल किस देव को देना चाहते हैं।तब, इस पर ऋषियों…
भगवान श्री कृष्ण ने बताई हैं ये आदतें, जो व्यक्ति को नहीं बनने देती सफल
Bhagavad Gita Updesh महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश भगवद गीता में निहित है। आज के समय में भी भगवद गीता की प्रासंगिकता उसी प्रकार बनी हुई है जिस प्रकार महाभारत की रणभूमि में थी। ऐसे में आइए जानते हैं भगवद गीता बताई गई…
अर्जुन को पाशुपतास्त्र कैसे मिला
भगवान शिव का पाशुपतास्त्र (Pashupatastra) एक अमोघ अस्त्र माना जाता है। बात उस समय की जब हस्तिनापुर के कार्यकारी महाराज धृतराष्ट्र ने, सम्राट युधिष्ठिर को सभी भाइयों एवं पत्नी साम्राज्ञी द्रौपदी के साथ निमंत्रित किया था। परंतु कौरवों कि नियत गलत थी, जिसने जघन्य अपराध का रूप लिया। सम्राट युधिष्ठिर द्यूत में हार रहे थे, क्योंकि…
1
2
3
>
Last ›
Advt.