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दस महाविद्या कौन कौन सी है? जाने 10 महाविद्या की उत्पत्ति के बारे में
महाविद्या काली पहली महाविद्या मानी जाती हैं जो माँ सती के शरीर से प्रकट हुई थी। इनका रूप अत्यंत भीषण व दुष्टों का संहार करने वाला हैं। माता सती ने क्रोधवश सबसे पहले अपने सबसे भीषण रूप को प्रकट किया था जो फुंफकार रही थी।महाविद्या काली का रूप (Mahavidya Kali Ka…
पितामह भीष्म और भगवान परशुराम का युद्ध क्यों हुआ था? जानिए अंबा की कहानी
हम सभी यह तो जानते हैं कि भगवान परशुराम विष्णु के छठे अवतार (Bhagwan Parshuram Bhishma Pitamah Ka Yudh) थे जिन्होंने इक्कीस बार पृथ्वी से हैहय वंश के क्षत्रियों का नाश किया था। महाभारत के समय भी परशुराम जी का महत्वपूर्ण योगदान (Parshuram Bhishma Ki Ladai) था तथा उन्होंने तीन…
मां कात्यायनी की पूजा करते समय जरूर करें इस चमत्कारी स्तोत्र का पाठ, कष्टों से मिलेगी मुक्ति
धर्म । शारदीय नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। अविवाहितों को शीघ्र विवाह के लिए माता कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए। इस दिन व्रत-उपवास भी किया जाता है। तंत्र-मंत्र सीखने वाले साधक नवरात्रि के छठे दिन सिद्धि प्राप्त करने…
करवा चौथ के व्रत में इन नियमों का करें पालन, शुभ फलों की होगी प्राप्ति
विवाहित महिलाएं अपने पति की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए हर साल करवा चौथ का व्रत रखती हैं। कई जगहों पर यह व्रत कुंवारी कन्याएं भी रखती हैं। इस साल यह व्रत 1 नवंबर, बुधवार को रखा जाएगा। ऐसे में व्रत में कोई बाधा न आए इसके लिए कुछ…
सिख धर्म की स्थापना का उद्देश्य और इतिहास
सिख भारतीय आबादी का लगभग 2 प्रतिशत हैं. अन्य धर्मों की तुलना में, सिख धर्म एक छोटा और अल्पसंख्यक धर्म है. ‘सिख’ शब्द का अर्थ है एक शिष्य और इस प्रकार सिख धर्म (Sikhism) मूल रूप से शिष्यत्व का मार्ग है. सच्चा सिख सांसारिक चीजों के प्रति अनासक्त रहता है.…
श्रीराम की सीख: जब हालात ठीक न हो तो तब धैर्य के साथ मन को शांत रखें, तभी जीवन में बदलाव आएगा
मंगलवार, 24 अक्टूबर को दशहरा है। त्रेता युग में आश्विन मास की कृष्ण दशमी पर श्रीराम ने रावण का वध किया था। श्रीराम के जीवन की कई ऐसी घटनाएं हैं, जिनमें सुख, शांति और सफलता पाने के सूत्र बताए गए हैं। अगर इन सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए…
हनुमान जी की सीख: जब कोई काम बुद्धिमानी और योजना बनाकर करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है
मंगलवार, 24 अक्टूबर को दशहरा है। त्रेतायुग में श्रीराम ने आश्विन कृष्ण दशमी पर रावण का वध किया था। रामायण में कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र बताए गए हैं। यहां जानिए ऐसा ही एक प्रसंग...रामायण में देवी सीता का हरण हो गया…
भगवान अपने सच्चे भक्त से रिश्ता निभाते हैं।
एक समय एक संत भगवान राम को बहुत मानते थे। वे भगवान राम को अपना शिष्य मानते थे और शिष्य पुत्र के समान होता है, इसलिए माता सीता को पुत्रवधु के रूप में देखते थे। उनका नियम था रोज मंदिर जाते और अपनी पहनी माला भगवान को पहनाते थे। उनकी…
बुद्ध ने क्यों कहा था कि चौथी पत्नी ही साथ देती है
इंसान की चौथी पत्नी ही (Story of four wives) साथ देती है एक शिक्षाप्रद कहानी है। वैशाख पूर्णिमा के दिन बुध पुर्णिमा मनाई जाती है। क्या आप जानते हैं कि गौतम बुद्ध ने एक बार कहा था कि हर इंसान की चौथी पत्नी ही साथ देती है। इसके पीछे एक…
राम सेतु में गिलहरी का योगदान
रामायण में गिलहरी की कहानी (Gilhari Ki Kahani) काफी प्रसिद्ध है। देवी सीता को हरण करके रावण उन्हें लंका ले गया। हनुमान जी समुद्र लांघ कर लंका गए और माता सीता का पता लगाकर लौटे। भगवान श्री राम माता सीता को रावण के कैद से छुड़ाने के लिए अविलम्ब लंका…
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