26 दिसंबर को मनाई जाएगी दत्तात्रेय जयंती, क्या है त्रिदेव के जन्मे इस अंश की कहानी

सनातन धर्म में मार्गशीर्ष माह को पवित्र माना गया है। इस माह की पूर्णिमा के दिन दत्तात्रेय जयंती मनाई जाती। भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और शिव के शिशु स्वरूप है। मान्यता के अनुसार, यदि इस दिन भगवान दत्तात्रेय की पूजा की जाए तो वे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

भगवान दत्तात्रेय महर्षि अत्रि मुनि और अनुसूर्या के पुत्र हैं। जब त्रिदेवों ने माता अनुसूया की भक्ति की परीक्षा ली और उनसे प्रसन्न हुए। तब ब्रह्मा, विष्ण और भगवान शिव ने दत्तात्रेय के रूप में अनुसूया के बेटे के रूप में जन्म लिया। भगवान दत्तात्रेय के तीन मुख और 6 भुजाएं हैं। गाय और कुत्ते उनके साथ हमेशा रहते हैं। भगवान दत्तात्रेय ने पशुरामजी को श्रीविद्या मंत्र प्रदान किया था।

दत्तात्रेय जयंती 2023 तिथि

दत्तात्रेय जयंती 26 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन अन्नपूर्णा जयंती भी है। भगवान दत्तात्रेय की पूजा-पाठ करने से रुके हुए काम पूरे हो जाते हैं। वहीं, निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है।

दत्तात्रेय जयंती शुभ मुहूर्त 2023

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर को सुबह 5.46 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 6.02 बजे समाप्त होगी। सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त 9.46 बजे से दोपहर 12.21 बजे तक है। वहीं, दोपहर की पूजा का शुभ मुहूर्त 1.39 बजे तक रहेगा। शाम को 7.14 मिनट से 8 बजे तक पूजा का शुभ समय है।



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