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करवा चौथ पर सरगी खाने का समय और शुभ मुहूर्त जानें

Updated on 01-01-1970 12:00 AM
करवा चौथ के दिन सुबह 4 से 5 बजे के बीच ब्रह्म मुहूर्त में सरगी खा लेनी चाहिए। सरगी में भूलकर भी तेल और मसाले वाली चीजों को ग्रहण न करें। सरगी में सूखी मेवाएं, फल, मिठाई और दूध दिया जाता है। इन चीजों को खाने से आपको व्रत रखने के लिए दिन भर की पर्याप्‍त एनर्जी भी मिलती है और पेट भी ठीक रहता है। आइए जानते हैं सरगी से जुड़ी परंपराओं के बारे में विस्‍तार से।

किन चीजों को शामिल करना होता है जरूरी

हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं को साल भर जिस व्रत का इंतजार होता है वह अब आ चुका है। 1 नवंबर को सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखेंगी। दिन भर भूखी-प्‍यासी रहने के बाद शाम को संज-संवरकर चांद का दीदार करने के बाद छलनी से पति का चेहरा देखने के बाद चांद को अर्घ्‍य देकर व्रत तोड़ेंगी। करवा चौथ के व्रत में सुबह के वक्‍त यानी सूर्योदय से पहले सरगी खाने की परंपरा है।

क्‍या होती है सरगी ?

सरगी में प्रमुख तौर पर खाने-पीने की चीजों को ही शामिल किया जाता है। सरगी सूर्योदय से पहले सास अपनी बहू को खाने के लिए देती हैं। इसमें मिठाई, फल और मेवा रखी जाती हैं। आजकल सास सरगी में अपनी बहु को कपड़े भी भेंट के तौर पर देती हैं। बहुएं सरगी को बुजु्र्गों के प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के बाद ही व्रत की शुरुआत करती है। इसे किसी भी स्थिति में सूर्योदय से पहले ही खाना होता है। सरगी को खाने का यह लाभ होता है कि महिलाओं को दिन भर भूखे-प्‍यासे रहने के लिए आवश्‍यक ऊर्जा मिल जाती है।

बहुएं भी देती हैं सास को बायना

सूर्योदय से पहले सास अपनी बहु को सरगी देती हैं और शाम को बहुएं भी अपनी सास को बायना देती हैं। इस बायना में भी खाने की चीजों के साथ सास के लिए साड़ी रखी जाती है। इसके साथ ही वस्‍त्र और श्रृंगार का सामान भी दिया जाता है।

सरगी की थाली

सरगी की थाली में फलों का विशेष महत्‍व होता है। माना जाता है कि फलों की मिठास के जरिए सास अपनी बहू को उसके जीवन में मिठास बने रहने का आशीर्वाद देती है। फलों में पानी की भरपूर मात्रा होने की वजह से ये आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। मिठाइयों के बिना हमारे सभी त्‍योहार अधूरे माने जाते हैं। इसलिए सरगी की थाली में मिठाइयां रखना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं सरगी की थाली में मेवे शरीर में कमजोरी नहीं आने देते और व्रत पूर्ण होने के बाद भी महिलाओं को पुष्‍ट बनाए रखते हैं।

सरगी खाने का शुभ मुहूर्त

सरगी को खाने के लिए शुभ मुहूर्त सुबह का समय बताया जाता है। सुबह का वह समय जब सूर्य नहीं उगता। सूर्योदय से पहले ब्रह्म मुहूर्त में सरगी खाने की परंपरा है। इस साल 1 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 58 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक है। जो भी महिलाएं सरगी खाने के बारे में सोच रही हों वे इसी समय में सरगी खा लें।

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