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देवी दुर्गा का रूप होती है छोटी बच्चियां, जानें क्या है कन्या भोज का धार्मिक महत्व

Updated on 01-01-1970 12:00 AM

 हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि पर्व के आखिर में अष्टमी व नवमी तिथि को कन्या पूजन किया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस साल शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन 22 और 23 नवंबर को कर सकते हैं। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, हिंदू धर्म में छोटी बच्चियों को देवी दुर्गा का रूप माना जाता है। इस कारण नवरात्रि पर्व के दौरान छोटी बच्चियों का पूजन किया जाता है और उन्हें देवी का अवतार मानकर पूजन के बाद उपहार दिया जाता है।

जानें क्या है कन्या पूजन का इतिहास

हिंदू धर्म में मान्यता है कि छोटी बच्चियों में देवी दुर्गा का वास होता है, इसलिए शक्ति के साधन इस दौरान छोटी बच्चियों की विशेष आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि को यदि कन्या पूजन किया जाता है तो साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

10 साल से छोटी बच्चियों को कराएं भोजन

शास्त्रों के अनुसार 10 साल से छोटी कन्याओं की पूजा करने से पूजा का वास्तविक फल मिलता है। अष्टमी या नवमी तिथि को छोटी बच्चियों को आमंत्रित कर शुद्ध जल से उनके पैर धोना चाहिए और उस पानी को अपने सिर से लगाना चाहिए। कन्याओं को सम्मान के साथ आसन पर बैठा के पकवान खिलाना चाहिए। बच्चियों को तिलक लगाकर दक्षिणा या उपहार देना चाहिए। आखिर में लड़कियों का चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।




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