इस महीने तीर्थ स्नान और भगवान विष्णु की पूजा से मिलता है महापुण्य, पितर भी तृप्त होते हैं

अगहन, भगवान विष्णु की पूजा का महीना है। इस महीने में भगवान विष्णु के सभी रूपों की पूजा करने का विधान है। इस महीने खासतौर पर श्रीकृष्ण की पूजा करने की भी परंपरा है, क्योंकि श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि मैं सभी महीनों में मार्गशीर्ष हूं, इसलिए इस महीने को पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है।

ग्रंथों के मुताबिक अगहन महीने में तीर्थ स्नान करना चाहिए। साथ ही तीर्थ दर्शन भी करें, माना जाता है इससे पाप नाश होते हैं और पुण्य बढ़ते हैं। इस महीने में जरुरतमंद लोगों को कपड़े और खाने की चीजों का दान करने से पुण्य बढ़ता है।

ग्रंथों में कहा गया है कि मार्गशीर्ष महीना पितरों के लिए भी बेहद खास माना जाता है। इस महीने शंख से भगवान विष्णु का अभिषेक करने से पितरों को तृप्ति मिल जाती है। इस महीने पितरों के लिए तीर्थ करने का भी विधान ग्रंथों में बताया गया है।

अगहन महीने में श्रीकृष्ण की जन्म स्थली मथुरा की यात्रा करने की परंपरा है। इस पवित्र मास में मथुरा के पास गोकुल, वृंदावन, गोवर्धन पर्वत के दर्शन करें। यमुना नदी में स्नान करें। ऐसा करने से पुण्य बढ़ता है।

स्कंद पुराण: अगहन महीने में भगवान विष्णु के अभिषेक से मिलता है महापुण्य

  • शंख में जल भरकर नमो नारायणाय मंत्र बोलते हुए भगवान विष्णु का अभिषेक करने से पाप मुक्त हो जाते हैं।
  • दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करने से स्वर्ग प्राप्ति के साथ ही चंद्र, इंद्र, रूद्र और मरुद्गण के समान पद मिलता है।
  • शहद और शक्कर से भगवान विष्णु को स्नान करवाने से राजा का पद मिलता है।
  • शंख बजाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने वाले के पितरों को स्वर्ग मिलता है।
  • शंख में तीर्थ का जल भरकर उससे अभिषेक करने वाले को अपने कुल सहित मोक्ष मिल जाता है।
  • अगहन महीने की द्वादशी या पूर्णिमा को गाय के दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करने से पाप नाश हो जाते हैं।


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