Select Date:

जब सांख्यायन राक्षस ने चुरा लिए थे वेद, भगवान विष्णु से 4 माह चला था युद्ध, जानें क्या है पौराणिक कथा

Updated on 01-01-1970 12:00 AM
हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी को शुभ कार्य के शुरुआत के रूप में देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि 4 माह की योग निद्रा के बाद जब देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु जागते हैं तो सृष्टि का संचालन अपने हाथों में लेते हैं और इसी के साथ शुभ कार्य की शुरुआत हो जाती है। हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी तिथि ही विवाह आदि शुभ कार्य शुरू होते हैं। देश में देवउठनी एकादशी को 'प्रबोधिनी एकादशी' अथवा 'देवोत्थान एकादशी' के नाम से भी जाना जाता है।

देवउठनी एकादशी 23 नवंबर को

पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, इस साल देवउठनी एकादशी 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। पंचांग के मुताबिक, इस साल एकादशी तिथि 22 नवंबर को देर रात 11.03 बजे ही शुरू हो जाएगी और 23 नवंबर को 9.01 बजे देवउठनी एकादशी तिथि का समापन होगा। देश में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में देवउठनी एकादशी पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है।

देवउठनी एकादशी की पौराणिक कथा

देवउठनी शब्द का अर्थ है "भगवान को जगाना"। जब भगवान विष्णु चार माह की लंबी नींद योग निद्रा से जागते हैं तो देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इसको लेकर पौराणिक कथा है कि एक बार ‘सांख्यायन’ नाम के राक्षस ने वेदों को चुरा लिया था, जिसके बाद सभी देवताओं ने वेदों को वापस पाने के लिए भगवान विष्णु से अनुरोध किया। भगवान विष्णु ने वेदों को वापस पाने के लिए कई दिनों तक ‘सांख्यायन’ राक्षस से युद्ध किया।

‘सांख्यायन’ को मार गिराने के बाद भगवान विष्णु 4 माह के लिए योग निद्रा में चले गए थे। यह समय देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी के समय के बीच 4 माह का होता है। चूंकि भगवान विष्णु इस दौरान योग निद्रा में रहते हैं, इसलिए इस समय को अशुभ माना जाता है। देवउठनी एकादशी पर जब भगवान विष्णु जागते हैं तो शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 January 1970
कहते हैं ना कि अति किसी भी चीज़ की अच्छी नही होती बस वैसा ही कुछ चंद्रमा के साथ (Chandra Dev Ko Shrap) हुआ। कहने को तो चंद्रमा एक देवता…
 01 January 1970
भगवान परशुराम भगवान विष्णु के दस अवतारों में से एक (Parshuram Unknown Facts In Hindi) है। उनका जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ था जो वामन अवतार के बाद तथा श्रीराम…
 01 January 1970
भगवान परशुराम विष्णु के एक ऐसे अवतार हैं जो चिरंजीवी (Karan Ki Mrityu Kaise Hui) हैं। इसी कारण वे विष्णु के अन्य अवतारों के समयकाल में भी थे और अभी…
 01 January 1970
 हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि पर्व के आखिर में अष्टमी व नवमी तिथि को कन्या पूजन किया जाता है। हिंदू पंचांग के…
 01 January 1970
ऋषि वशिष्ठ महान सप्तऋषियों में से एक हैं. महर्षि वशिष्ठ सातवें और अंतिम ऋषि थे. वे श्री राम के गुरु भी थे और सुर्यवंश के राजपुरोहित भी थे. उन्हें ब्रह्माजी…
 01 January 1970
नरसी मेहता महान कृष्ण भक्त थे. कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने उनको 52 बार साक्षात दर्शन दिए थे. नरसी मेहता का जन्म जूनागढ़, गुजरात मे हुआ था.…
 01 January 1970
जब द्रौपदी को खबर मिली कि उसके पांच पुत्रों को अश्वत्थामा ने मार डाला है, तो वह अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गई और कहा कि वह उपवास तभी तोड़ेगी जब…
 01 January 1970
एक बार महर्षि भृगु और अन्य मुनियों ने सरस्वती नदी के तट पर मिलकर यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में नारद जी भी आए हुए थे। नारद जी ने…
 01 January 1970
Bhagavad Gita Updesh महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश भगवद गीता में निहित है। आज के समय में भी भगवद गीता की प्रासंगिकता उसी…
Advt.