हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत 10 दिसंबर, रविवार को रखा जाएगा। इस माह रवि प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 10 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगा। इसका समापन 11 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, प्रदोष व्रत 10 दिसंबर को रखा जाएगा।
श्री सांबसदाशिवाय नम:
श्री रुद्राय नम:
ॐ पार्वतीपतये नमः:
ओम नमो नीलकण्ठाय नमः:
सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का बड़ा धार्मिक महत्व है। जो लोग इस शुभ दिन पर व्रत रखते हैं, उन्हें सुख और समृद्धि के साथ-साथ शिव जी का आशीर्वाद मिलता है। इस खास दिन पर भगवान शिव के नटराज रूप की भी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान भोले बाबा ने तांडव करके राक्षसी अप्सरा पर विजय प्राप्त की थी। भगवान शिव के नाचते हुए रूप को नटराज कहा जाता है, जिनकी पूजा से शुभ फल की प्राप्ति होती है।