उपर्युक्त संयोग और अवसरों पर भरने वाले महाकुंभ के पीछे पौराणिक गाथाएं और भारतीय ज्योतिषीय काल गणना के क्रम ग्रह नक्षत्रों के योग से शुभ मुहूर्तों का निर्माण होता है। ये पारंपरिक धार्मिक पर्व कुंभ अथवा महाकुंभ कहे जाते हैं।
-प्रयाग (इलाहाबाद) को तीर्थों का राजा कहा जाता है। तीर्थराज प्रयाग, यहां तीन पवित्र नदियों का मिलन केंद्र है। गंगा-यमुना और सरस्वती जिसे त्रिवेणी कहा गया है। यहां के देवता वेणी माधव हैं।
-हरिद्वार, यहां गंगा नदी का संयोग है। भारत के पुरातनकाल के सप्त। ऋषियों की यह तपस्थंली है। गंगा यहां सप्तल धाराओं में प्रवाहित होती है तथा दक्षेश्वेर महादेव, मनसादेवी, ज्वालादेवी, कुंजा देवी, नीलकंठ महादेव यहां के प्रमुख देव एवं देवियां हैं।
-नासिक, यहां गोदावरी नदी का पवित्र संयोग तथा 12 ज्योर्तिलिंग में परिगणित एक ज्यो्र्तिलिंग का उल्लेख है और उनके अभिषेक पूजन का महत्व है।