धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू, जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व

दिवाली कुछ दिन दूर है। वर्ष के इस पांच दिवसीय त्योहार को मनाने के लिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दीपावली इस साल 12 नवंबर है। दिवाली का पर्व धनतेरस से शुरू होता है। हिंदू धर्म में धनत्रयोदशी का खास महत्व है। यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।

धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन बर्तन, सोना-चांदी और पीतल खरीदने की प्रथा है। इसके अलावा झाड़ू खरीदने का बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

झाड़ू क्यों खरीदी जाती है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर में माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। आर्थिक समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।

झाड़ू खरीदने के बाद क्या करें?

धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद सफेद धागा बांधें। माना जाता है कि सफेद धागा बांधने से देवी लक्ष्मी की सदैव बनी रहती है। ध्यान रकें कि झाड़ू को साफ हाथों से छुएं। इसे साफ जगह पर रखें। झाड़ू को खड़ा नहीं रखना चाहिए। झाड़ू को खड़ा रखना अशुभ माना जाता है। ऐसी जगह रखें जहां किसी की नजर न पड़े।





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