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झाडू मे माँ लक्ष्मी जी का वाश क्यो माना जाता है।

Updated on 01-01-1970 12:00 AM

आप सभी को पता है कि धन की देवी महालक्ष्मी है जो कि भगवान विष्णु के साथ वैकुंठ लोक मे क्षीरसागर मे निवास करती है। इन्हे आदिशक्ति और महामाया भी कहा जाता है। लेकिन दोस्तो क्या आपको पता है कि झाडू मे भी माँ लक्ष्मी का वाश माना जाता है। झाडू से हम सभी प्रतिदिन अपने घर की और आंंगन की साफ सफाई करते है। जिससे हमारा घर साफ सुथरा लगता है। ऐसी मान्यता है कि झाडू माँ लक्ष्मी का ही स्वरूप है। जब घर से गंदगी दूर होती है तो माँ लक्ष्मी घर मे प्रवेश करती है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जहाँ साफ सफाई होती है वहाँ पर माँ लक्ष्मी का वाश होता है। झाडू स्वच्छता का प्रतीक है और स्वच्छता का संबंध शुक्र ग्रह से है। शुक्र ग्रह को धन, संपदा, संपत्ति के लिये जाना जाता है जो कि माँ लक्ष्मी का ही रूप है। यदि आपने ध्यान दिया होगा तो माँ शीतला ने भी अपने हाथ मे झाडू धारण किया है। जिस प्रकार किताब को पैर मारने से विद्या की देवी माँ सरस्वती का अनादर होता है ठीक उसी तरह झाडू को गंदगी मे रखने से या झाडू के ऊपर अपना पैर रगडने से माँ लक्ष्मी का अनादर होता है इसीलिये झाडू मे माँ लक्ष्मी का वाश माना जाता है।

झाडू खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें-

  • दोस्तो शास्त्रो के अनुसार झाडू शनिवार को ही खरीदना चाहिये और पुरानी झाडू को शनिवार के दिन ही बदलें।
  • वास्तु के मुताबिक झाडू को घर के दक्षिण पश्चिम दिशा मे रखना चाहिये। इसके अतिरिक्त आपको किसी भी दिशा मे झाडू नही रखना है कोशिश करें कि इसे छिपाकर रखें जिससे यह दूसरो की नजर मे न आये।
  • आपको कभी भी झाडू को किचन या अनाज वाले स्थान पर नही रखना चाहिये क्योंकि इससे घर मे दरिद्रता और बीमारी बढती है।
  • रात के समय झाडू नही लगाना चाहिये। यदि आपको बहुत ज्यादा आवश्यकता है तो झाडू लगाकर इसका कचरा रात मे कही पर इकट्ठा कर दे और आपको रात मे कचरा बाहर नही फेकना चाहिये।
  • झाडू को कभी भी खडा करके न रखें हमेशा लिटाकर ही रखें।
  • झाडू को कभी भी पैर से नही मारना चाहिये क्योकि झाडू पर पैर मारने से माँ लक्ष्मी का अनादर होता है।
  • दोस्तो मान्यता के अनुसार धनतेरस के पर्व पर नई झाडू खरीदनी चाहिये साथ ही इसकी पूजा भी करनी चाहिये।

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