आप सभी को पता है कि धन की देवी महालक्ष्मी है जो कि भगवान विष्णु के साथ वैकुंठ लोक मे क्षीरसागर मे निवास करती है। इन्हे आदिशक्ति और महामाया भी कहा जाता है। लेकिन दोस्तो क्या आपको पता है कि झाडू मे भी माँ लक्ष्मी का वाश माना जाता है। झाडू से हम सभी प्रतिदिन अपने घर की और आंंगन की साफ सफाई करते है। जिससे हमारा घर साफ सुथरा लगता है। ऐसी मान्यता है कि झाडू माँ लक्ष्मी का ही स्वरूप है। जब घर से गंदगी दूर होती है तो माँ लक्ष्मी घर मे प्रवेश करती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जहाँ साफ सफाई होती है वहाँ पर माँ लक्ष्मी का वाश होता है। झाडू स्वच्छता का प्रतीक है और स्वच्छता का संबंध शुक्र ग्रह से है। शुक्र ग्रह को धन, संपदा, संपत्ति के लिये जाना जाता है जो कि माँ लक्ष्मी का ही रूप है। यदि आपने ध्यान दिया होगा तो माँ शीतला ने भी अपने हाथ मे झाडू धारण किया है। जिस प्रकार किताब को पैर मारने से विद्या की देवी माँ सरस्वती का अनादर होता है ठीक उसी तरह झाडू को गंदगी मे रखने से या झाडू के ऊपर अपना पैर रगडने से माँ लक्ष्मी का अनादर होता है इसीलिये झाडू मे माँ लक्ष्मी का वाश माना जाता है।