दोस्तो इस दुनिया मे दो किस्म के लोग मौजूद है पहले वो जो कि आस्तिक होते है अर्थात ईश्वर की सत्ता पर विश्वास करते है ऐसे लोग भाग्य पर भी विश्वास करते है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो कि नास्तिक होते है अर्थात वो ईश्वर पर विश्वास नही करते है ऐसे लोग भाग्य पर भी विश्वास नही करते है। दोस्तो यदि देखा जाय तो सबकुछ ईश्वर के द्वारा पहले से ही निर्धारित होता है। जब बच्चा धरती पर जन्म लेता है
तो उसके जन्म से पूर्व ही उसके भाग्य का निर्धारण ईश्वर द्वारा कर दिया जाता है ऐसे मे कुछ लोग ये कहेंगे कि जब सबकुछ हमारे भाग्य मे पहले से ही निर्धारित है तो हमें कर्म करने की क्या आवश्यकता है तो दोस्तो मै आपको बता दूं कि कर्म करना बहुत जरूरी है क्योंकि जो हम कर्म करते है इसी कर्म के आधार पर हमारा अगला जन्म निर्धारित होता है। आज हम इसी के बारे मे आपको विस्तार से जानकारी देगें।