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आत्मा और परमात्मा दो नहीं एक ही परम तत्व के दो नाम
आत्मा के स्वरूप को समझना आत्मज्ञान है, अंग्रेजी में इसे सेल्फ रिलाइजेशन कहा गया है आत्मज्ञान के अभाव के कारण व्यक्ति इस संसार में राग, द्वेष, क्लेश के कारण दुःखों को प्राप्त करता है। समझदार व्यक्ति आत्मज्ञान प्राप्त कर इस जन्म के साथ अपने अगले जन्म को सुधार कर मोक्ष…
हृदय में जहां उत्सव है, वहीं आनंद भी छिपा है
चैतन्य से जुड़ने पर जीवन का आनंद प्राप्त होता है। आनंद के लिए हम लोग कहां-कहां नहीं भटकते और कैसे-कैसे उपाय करते हैं। लेकिन वह आनंद क्षणिक होता है। साधनों से प्राप्त आनंद कुछ समय बाद छूट जाता है। लेकिन अपने अंदर जो चैतन्य है, उससे जुड़ने पर जीवन का…
धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू, जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व
दिवाली कुछ दिन दूर है। वर्ष के इस पांच दिवसीय त्योहार को मनाने के लिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दीपावली इस साल 12 नवंबर है। दिवाली का पर्व धनतेरस से शुरू होता है। हिंदू धर्म में धनत्रयोदशी का खास महत्व है। यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण…
कैसे प्रचलन में आया हिंदू धर्म नाम, जानिए सनातन का सही अर्थ
Sanatan Dharma आज सनातन धर्म के लिए हिंदू धर्म नाम ज्यादा प्रचलित है। इस धर्म के अनुयायियों को हिंदू या सनातनी कहा जाता है। शास्त्रों में सनातन धर्म का ही जिक्र मिलता है। हिंदू नाम बहुत बाद में प्रचलन में आया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म का…
मनुष्य का भाग्य कब लिखा जाता है जरूर जानें।
दोस्तो इस दुनिया मे दो किस्म के लोग मौजूद है पहले वो जो कि आस्तिक होते है अर्थात ईश्वर की सत्ता पर विश्वास करते है ऐसे लोग भाग्य पर भी विश्वास करते है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो कि नास्तिक होते है अर्थात वो ईश्वर पर विश्वास नही…
इंसान अपना भाग्य खुद लिख सकता है
ग्रह-नक्षत्र और भाग्य के बारे में अनेक धारणा एवं मान्यता प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि भाग्य ईश्वर के द्वारा रचित है, तो कुछ लोग मानते हैं कि ग्रह-नक्षत्र हमारा भाग्य तय करते हैं तो कुछ कहते हैं कि भाग्य हमारे द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर…
माता सीता की इस बात के कारण हनुमान जी को चढ़ाते हैं सिंदूर, रामचरित मानस में है जिक्र
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित है। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त अंजनीपुत्र का आशीर्वाद लेने हनुमान मंदिर पहुंचते हैं। साथ ही भगवान हनुमान को सिंदूर और चोला भी चढ़ाया जाता है। भगवान हनुमान को सिंदूर चढ़ाने का न सिर्फ धार्मिक महत्व है, बल्कि इसका वैज्ञानिक कारण भी…
झाडू मे माँ लक्ष्मी जी का वाश क्यो माना जाता है।
आप सभी को पता है कि धन की देवी महालक्ष्मी है जो कि भगवान विष्णु के साथ वैकुंठ लोक मे क्षीरसागर मे निवास करती है। इन्हे आदिशक्ति और महामाया भी कहा जाता है। लेकिन दोस्तो क्या आपको पता है कि झाडू मे भी माँ लक्ष्मी का वाश माना जाता है।…
लहसुन और प्याज का सेवन ब्राम्हण क्यो नही करते है।
आज के समय मे लोग लहसुन और प्याज के बिना कोई सब्जी ही नही बनाते है। लहसुन और प्याज का इस्तेमाल लगभग हर घर मे किया जाता है। लेकिन दोस्तो क्या आप जानते है लहसुन और प्याज का सेवन ब्राम्हण कभी नही करते है। इसकी कहानी समुद्र मंथन से जुडी…
शिवलिंग कभी खंडित क्यो नही होता है जरूर जानें।
हमारे हिन्दू धर्म शास्त्र के अनुसार जब कोई मूर्ति कही से टूट जाती है तो उस मूर्ति की पूजा नही की जाती है क्योंकि वह मूर्ति खंडित हो जाती है। खंडित मूर्ति को नदी मे विसर्जित कर दिया जाता है। उसके बाद नये मूर्ति को लाकर उसकी पूजा की जाती…
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